Sunday, 1 August 2021

संप्रेषण कौशल

 

  वाणी ब्रह्मास्त्र के समान होती है। वाणी द्वारा ही व्यवहार बनता- बिगड़ता है और वाणी द्वारा ही व्यक्तित्व निखरता है। संप्रेषण जीवन की सबसे महत्वपूर्ण योग्यता है। अच्छी तरह संप्रेषण करने की योग्यता एक व्यक्ति की प्रभावकारिता  के लिए बेहद ज़रूरी है। हम जागृत अवस्था में अपना अधिकांश समय संप्रेषण में बिताते हैं। पढ़ना और लिखना दोनों ही संप्रेषण के रूप हैं। इसी प्रकार बोलना और सुनना भी संप्रेषण के रूप हैं। आपके स्वरमान, स्पष्टता और आपके आवाज की सफाई से, आप लोगों पर जो प्रभाव छोड़ते हैं, वह आप क्या कहते हैं, इससे ज्यादा महत्व रखता है। संतुलित शब्दों में ठीक स्थान पर ही ठीक शब्दों और अभिव्यक्तियों का प्रयोग करते हुए अपनी बात भाषण में कहना एक कला है। जिसके शब्दों में मधुर रस हो, जिसकी जिह्वा समय और स्थिति की पहचान कर सके और जिसकी बातचीत में दूसरों के लिए आदर हो, प्रशंसा भी हो, नम्रता भी हो और प्रोत्साहन भी, वही व्यक्ति वस्तुतः जादूगर है। वार्तालाप-कला में प्रवीण व्यक्ति बातचीत के दौरान सदा अन्य व्यक्ति की भावनाओं और उसके संस्कारों का ध्यान रखता है। यह बात सही है कि शब्दों को कोई भी स्पर्श नहीं कर सकता, पर शब्द सभी को स्पर्श कर जाते हैं। अपने शब्दों का चुनाव समझदारी और होशियारी से करें। शब्दों से व्यक्ति का नज़रिया झलकता है। शब्द हमारी भावनाओं को चोट पहुँचा सकते हैं, हमारे रिश्तों को तोड़ सकते हैं। जीवन में सफलता पाने तथा उन्नति करने के लिए वाणी पर संयम रखना आवश्यक है। थोड़े शब्दों में कही आपकी बात कहीं ज्यादा असरदार होती है  बजाय धाराप्रवाह लंबे भाषण के। हमारी जिन्दगी में इस बात का वहुत महत्व होता है, कि किससे, कब कैसे बात की जाए किन शब्दों का प्रयोग किया जाए, बात को कहाँ से शुरू किया जाए, बातचीत के किन वाक्यों पर अधिक जोर डाला जाए, यही ज्ञान किसी को अपनी बात समझाने की कला होती है। भाषण में ध्यान देने योग्य कुछ बातें निम्नानुसार हैः-

1.भाषण जिन व्यक्तियों के लिए हैं, उनका ज्ञान, स्तर,रुचि, अनुभव,विषय के प्रति जानकारी इत्यादि का पूर्व अनुमान रखें।

2. सीमित शब्दों में गूढ़ से गूढ़ बातें श्रोताओं तक पहुँचाएं।

3. भाषण के शब्दों के अर्थ का अनर्थ न हो, सरल तथा उपयुक्त शब्दों का चयन करें।

4. भाषण समय के अनुकूल हो, जिससे श्रोताओं की विषय में रुचि रहे।

5.आपको विश्वास होना चाहिए कि जो भी विचार व्यक्त कर रहा है, वह महत्वपूर्ण है। इससे आपके आत्मविश्वास की झाँकी श्रोताओं को दिखाई देगी और इसका श्रोताओं पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

संप्रेषण कौशल

     वाणी ब्रह्मास्त्र के समान होती है। वाणी द्वारा ही व्यवहार बनता- बिगड़ता है और वाणी द्वारा ही व्यक्तित्व निखरता है। संप्रेषण जीवन की सबस...