केंद्रीय
हिंदी प्रशिक्षण संस्थान में पाँच दिवसीय अभिमुखी कार्यक्रम राजभाषा अधिकारियों के
लिए अनिवार्य रूप से निर्धारित किया गया है, जिसमें
सामान्य विषयों के अलावा राजभाषा कार्मिकों में नेतृत्व क्षमता एवं प्रबंधकीय कौशल
बढ़ाने को ध्यान में रख कर कोई विशेष विषय नहीं रखे गए हैं। केंद्र सरकारी
कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग लागू होने के पश्चात् राजभाषा संवर्ग के भर्ती
नियम में संशोधन करते हुए पिछले वर्ष से संवर्ग में प्रत्येक पदोन्नति के लिए
निर्धारित अवधि तक का प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है जोकि एक
सराहनीय कदम है। इस प्रयोजन के लिए केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान द्वारा
प्रस्तावित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पाठ्यक्रम में शामिल किए गए विषयों में राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान,राजभाषा नीति, राजभाषा
अधिनियम तथा राजभाषा संकल्प,
वार्षिक
कार्यक्रम, विभागीय कार्यान्वयन समिति/
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति/ हिंदी सलाहकार समितियों का गठन-उद्देश्य, दायित्व एवं अपेक्षाएं,संसदीय राजभाषा समिति गठन, दायित्व, निरीक्षण
एवं अनुवर्ती कार्रवाई,कार्यालय पद्धति नियम
(कार्यालय प्रबंधन, फाइल प्रबंधन, डाक प्रबंध, रिकार्ड
प्रबंधन इत्यादि),मूलभूत आचरण नियम, विभिन्न प्रावधान एवं सतर्कता,नेतृत्व एवं संप्रेषण कौशल,कंप्यूटर कौशल का विकास,सूचना का अधिकार अधिनियम, सामान्य वित्तीय नियम, वित्तीय शक्तियाँ,संसदीय प्रक्रिया, संसदीय प्रश्न एवं उनको तैयार करने की विधि, ई-गवर्नेंस( इंटरनेट, ई-ऑफिस एवं ई-मेल का परिचय),अनुवाद की संकल्पना और प्रक्रिया,कंप्यूटर अनुवाद आदि रखे गए हैं। इसी
प्रकार केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो द्वारा भी
राजभाषा कार्मिकों में अनुवाद में कुशलता बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय अनुवाद
प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है।
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